आगरा। कोरोना संकट के बीच आगरा के लोगों के लिए ये राहत भरी खबर है। आगरा के जूता निर्यातकों की सबसे बड़ी संस्था एफमैक ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से एफमैक प्री कोविड हॉस्पिटल की शुरुआत की है। आगरा के सिकंदरा से 18 किलोमीटर दूर गावं सींगना पर बने आगरा ट्रेड सेंटर पर पिछले लगभग 15 दिन से युद्ध स्तर पर इसकी तैयारी चल रही थी जिसे मंगलवार को सुबह अंतिम रूप दे दिया गया। कोविड मरीजों के इलाज के लिए बनकर तैयार हुए 350 बेड के इस प्री कोविड हॉस्पिटल के बारे में संस्था पदाधिकारियों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी। इस दौरान एफमैक के अध्यक्ष पूरन डावर ने बताया कि किस प्रकार इस मुहिम को गति मिली।
विभागों के आपसी समन्वयन से मिली सफलता
एफमैक अध्यक्ष पूरन डावर ने बताया कि जिला प्रशासन के सभी विभागों के आपसी समन्वयन से इस प्री कोविड हॉस्पिटल को इतने कम समय में हमने बनाकर तैयार किया। जिलाधिकारी आगरा प्रभु नारायण सिंह के निर्देशन में प्रशासन का भरपूर सहयोग मिला, जिनमें नगर आयुक्त आगरा निखिल टीकाराम फंदे, डीवीएनएल एमडी इंजी. सुधीर कुमार वर्मा, स्वास्थ्य विभाग में मुख्य चिकित्सा अधिकारी आगरा डॉ. आरसी पांडे इन सभी अधिकरियों और इनकी कुशल टीम की तत्परता से यह कार्य सम्भव हुआ।
चिकित्सा व्यवस्थाओं को संभालेगा जिला प्रशासन
एफमैक प्री कोविड हॉस्पिटल में चिकित्सा व्यवस्थाओं को एफमैक से जुड़े डेढ़ दर्जन से अधिक चिकित्सको के साथ जिला प्रशासन संभालेगा। जिसमें एसीएमओ और डिप्टी एसीएमओ को जिम्मेदारी दी गईं हैं साथ ही चिकित्सा विभाग ने डॉ. जीतेन्द्र लवानियां को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। एफमैक प्री कोविड हॉस्पिटल की प्रशंसा करते हुए जिलाधिकारी आगरा प्रभु नारायण सिंह ने कहा कि अस्थाई कोविड सेंटर के रूप में एफमैक का यह प्री हॉस्पिटल मॉडल साबित हो रहा है।
अभी इस श्रेणी के मरीजों का होगा इलाज
कॉन्फ्रेंस के दौरान एफमैक पदाधिकारियों ने बताया कि हॉस्पिटल में 350 बैडों की व्यवस्था है जिसमें अभी एल-वन और एल-प्लस श्रेणी के मरीजों का इलाज होगा। कुछ दिनों में हम एल-टू श्रेणी के मरीजों को भी इसमें शामिल कर लेंगे। अभी हमारे यहां 60 बैड पर ऑक्सीजन लाइन, 200 बैडों पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और 15 बेड पर आईसीयू की व्यवस्था की गई है। प्री कोविड हॉस्पिटल की प्रशासनिक ज़िम्मेदारियों को चंद्र शेखर जीपीआई निभा रहें हैं। हॉस्पिटल को जिला प्रशासन के कोविड कमांड सेंटर से भी जोड़ा गया है भर्ती होने वाले मरीज कमांड सेंटर के जरिये और हॉस्पिटल के हेल्पलाइन नंबर 9557597705 पर संपर्क कर भर्ती होने की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
विशेषज्ञों ने मरीजों के लिए तैयार किया खास डाइट चार्ट
प्रतिदिन आहार वितरण सूची इस प्रकार है-
• जीरा/अजवाइन गरम पानी 7:00 सुबह
• सुबह का नाश्ता 8:30 सुबह
• चाय / कॉफी 9:00 सुबह
• सूप 12:00 दोपहर
• दोपहर भोज 12:30 दोपहर
• दालचीनी नींबू शहद (CLH) 4:00 सांय
• चाय / कॉफी 6:00 सांय
• रात्रि भोजन 7:30 सांय
• ग्रीन-टी (जरूरत के अनुसार)
नियमित योगा और मेडिटेशन को भी किया गया है इलाज में शामिल
योगा और मेडिटेशन को भी इलाज में शामिल किया गया है जिसका प्रतिदिन नियमित समय सुबह 6 बजे से 7 बजे तक रहेगा, साथ ही दोपहर 12 बजे से एक घण्टे के लिए मरीज की जरुरत के अनुसार रहेगा सूक्ष्म योगा, यौगिक सूक्ष्म व्यायाम, पवनमुक्तासन, वज्रासन की योग क्रियाएं योगाचार्य के निर्देशन में होंगीं। 3 बजे मेडिटेशन का समय निर्धारित किया गया है। कोविड सेंटर में आईसीयू वार्ड के साथ कुल 5 हाल बनाये गए हैं जिनमें लगातार आध्यत्मिक ध्वनि के संगीत की व्यवस्था की गई है।
मरीजों को इलाज के साथ होगा प्रकृति से निकटता का एहसास
भव्य क्षेत्र में फैले एफमैक प्री कोविड हॉस्पिटल में मरीजों को इलाज के साथ-साथ प्रकृति से निकटता का एहसास भी होगा आस-पास हरभरा वातावरण यहां मरीजों की जल्दी रिकवरी का भी माध्यम बनेगा।
अपनी सामाजिक जिम्मेदारी हमें निभानी ही होगी
देश एक बड़ी महामारी से जूझ रहा है। स्वाभाविक रूप से जो देश में व्यवस्थाए हैं नाकाफ़ी हैं, सरकार या हेल्थ सेक्टर कितना भी करे ऐसी महामारियों के लिए पर्याप्त नहीं हो सकता। औद्योगिक संगठन हों या सामाजिक संगठन अपनी सामाजिक जिम्मेदारी हमें निभानी ही होगी सरकार, प्रशासन और डॉक्टर्स के साथ मिलकर एफमैक ट्रस्ट का यह प्रयास मुझे लगता है लोगों के लिए विशेष लाभकारी साबित होगा।
– पूरन डावर, अध्यक्ष, एफमैक
आपदा में कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे
यदि किसी बीमारी से पीड़ित होकर पूरा शहर हॉस्पिटल की ओर भगा चला आये तो यह संभव नहीं कि किसी भी देश या प्रदेश का प्रशासन हॉस्पिटल या ऑक्सीजन तुरंत उपलब्ध करा पाए। ऐसे आपातकाल में सामूहिक प्रयासों से ही जीत हासिल की जा सकती है कोरोना की इस आपदा में कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित न रहें इसके लिए एफमैक की ओर से यह जनहितैषी एक प्रयास है।
– रूबी सहगल, उपाध्यक्ष, एफमैक
आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं हम
कोरोना संक्रमण की यह दूसरी लहर है, लोग लगातार इस संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। हालांकि कुछ दिन से राहत की खबर आ रही है वहीं दूसरी ओर कुछ एक्सपर्ट तीसरी वेब की बात कह रहे हैं ऐसी किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए हम तैयार हैं। कोविड के इस प्री हॉस्पिटल में विदेशी चिकित्सक भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपनी सेवाएं देंगे।
-कैप्टन एएस राणा, कन्वेनर, एफमैक
विशेष रूप से रहे मौजूद
पत्रकार वार्ता के दौरान जूता निर्यातक और एफमैक के वरिष्ठ सदस्य विजय निझावन, चंद्रमोहन सचदेवा, अनिरुद्ध तिवारी, अशोक अरोरा इन्क्रेडिबल इंडिया फांउंडेशन के महासचिव अजय शर्मा, ब्रजेश शर्मा और डॉ. आरएन शर्मा आदि विशेष रूप से मौजूद रहे।
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Vishal Sharma
Vishal Sharma

Vishal Sharma is a renowned Indian journalist, cyber security expert, social activist, and poet, better known in literary circles as Surur Akbarabadi. Journalism is his first love, through which he has captured the pulse of society and pursued an unwavering commitment to truth. He divides his time between Agra—his ancestral home, famed for the Taj Mahal and Ganga-Jamuni Tehzeeb—and Lucknow, the cultural capital of Uttar Pradesh, where he lives as a devoted husband and doting father. His personal life, filled with love and care for his family, anchors his relentless efforts for societal good. Vishal’s academic path reflects his versatility: a B.Sc. degree sharpened his scientific rigor, while an LL.B. equipped him with a legal perspective. His journalistic career is illustrious, having worked with prominent publications such as The Indian Express, The Pioneer, Indo-American Times, and Business Standard, where he mastered the art of weaving facts into compelling narratives. As Managing Editor of Indian Talent Magazine, he nurtured emerging voices, and today, he runs Agra24.in, a news portal that keeps Agra’s heartbeat alive online, while also serving on the editorial boards of several other digital platforms, amplifying stories that matter. Poetry is Vishal’s close second love, expressed under his pseudonym Surur Akbarabadi—a blend of "joy" and a tribute to Agra’s rich legacy. Inspired by Urdu giants like Ghalib, Faiz, and Nazir Akbarabadi, his verses, such as "विरासत-ए-ज़फ़र का ये अंजाम देखिए" and "खामोशियों का शोर," fuse personal reflection with societal critique, offering both solace and commentary. His prose is equally powerful, spanning environmental concerns, political satire, and calls for unity, resonating widely on platforms like X. Vishal’s dedication to society shines through his diverse roles. As Vice-Chairman of Hindustani Biradari, he champions communal harmony, countering divisive narratives with appeals for peace. As Secretary of the Agra Tourist Welfare Chamber, he strengthens the city’s tourism ecosystem, ensuring its heritage—tangible and intangible—thrives. His work on Agra’s Heritage and History Conservation Committee reflects his commitment to preserving the city’s past, from Mughal marvels to forgotten tales, while his active role in civil society amplifies grassroots concerns. A Cyber Security Consultant by profession, Vishal safeguards digital frontiers, a role that aligns with his critiques of online toxicity. His editorial oversight of Agra24.in and other portals merges his journalism with tech-savvy insight, delivering real-time updates to a global audience. Whether exposing institutional opacity or celebrating cultural milestones, his pen remains a tool for truth. A photography and travel enthusiast, Vishal is fond of long drives across the country, capturing India’s diverse landscapes through his lens. He holds a special love for Rajasthan, where the vibrant culture and rugged beauty inspire him, and often unwinds on jungle safaris, with Sariska being his favorite retreat to reconnect with nature. In Lucknow, he balances his public endeavors with a private life of warmth and stability. A devoted husband and doting father, he draws strength from his family, rooting his activism in personal values. From conserving Agra’s heritage to dissecting global economics, Vishal Sharma stands as a modern polymath—a journalist of conscience, a poet of the people, and a guardian of culture and justice, leaving an indelible mark on India’s intellectual and social fabric.

By Vishal Sharma

Vishal Sharma is a renowned Indian journalist, cyber security expert, social activist, and poet, better known in literary circles as Surur Akbarabadi. Journalism is his first love, through which he has captured the pulse of society and pursued an unwavering commitment to truth. He divides his time between Agra—his ancestral home, famed for the Taj Mahal and Ganga-Jamuni Tehzeeb—and Lucknow, the cultural capital of Uttar Pradesh, where he lives as a devoted husband and doting father. His personal life, filled with love and care for his family, anchors his relentless efforts for societal good. Vishal’s academic path reflects his versatility: a B.Sc. degree sharpened his scientific rigor, while an LL.B. equipped him with a legal perspective. His journalistic career is illustrious, having worked with prominent publications such as The Indian Express, The Pioneer, Indo-American Times, and Business Standard, where he mastered the art of weaving facts into compelling narratives. As Managing Editor of Indian Talent Magazine, he nurtured emerging voices, and today, he runs Agra24.in, a news portal that keeps Agra’s heartbeat alive online, while also serving on the editorial boards of several other digital platforms, amplifying stories that matter. Poetry is Vishal’s close second love, expressed under his pseudonym Surur Akbarabadi—a blend of "joy" and a tribute to Agra’s rich legacy. Inspired by Urdu giants like Ghalib, Faiz, and Nazir Akbarabadi, his verses, such as "विरासत-ए-ज़फ़र का ये अंजाम देखिए" and "खामोशियों का शोर," fuse personal reflection with societal critique, offering both solace and commentary. His prose is equally powerful, spanning environmental concerns, political satire, and calls for unity, resonating widely on platforms like X. Vishal’s dedication to society shines through his diverse roles. As Vice-Chairman of Hindustani Biradari, he champions communal harmony, countering divisive narratives with appeals for peace. As Secretary of the Agra Tourist Welfare Chamber, he strengthens the city’s tourism ecosystem, ensuring its heritage—tangible and intangible—thrives. His work on Agra’s Heritage and History Conservation Committee reflects his commitment to preserving the city’s past, from Mughal marvels to forgotten tales, while his active role in civil society amplifies grassroots concerns. A Cyber Security Consultant by profession, Vishal safeguards digital frontiers, a role that aligns with his critiques of online toxicity. His editorial oversight of Agra24.in and other portals merges his journalism with tech-savvy insight, delivering real-time updates to a global audience. Whether exposing institutional opacity or celebrating cultural milestones, his pen remains a tool for truth. A photography and travel enthusiast, Vishal is fond of long drives across the country, capturing India’s diverse landscapes through his lens. He holds a special love for Rajasthan, where the vibrant culture and rugged beauty inspire him, and often unwinds on jungle safaris, with Sariska being his favorite retreat to reconnect with nature. In Lucknow, he balances his public endeavors with a private life of warmth and stability. A devoted husband and doting father, he draws strength from his family, rooting his activism in personal values. From conserving Agra’s heritage to dissecting global economics, Vishal Sharma stands as a modern polymath—a journalist of conscience, a poet of the people, and a guardian of culture and justice, leaving an indelible mark on India’s intellectual and social fabric.